Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi - बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार / मेरे प्रिय दोस्तों, कैसे हैं आप सब लोग। आज के इस पोस्ट मे हम पढ़ेंगे Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi यानि बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार।


बाल गंगाधर तिलक ने अपने जीवन मे बहुत सारी अच्छी अच्छी बातें कही है, जिसे पढ़ कर हम सब प्रेरणा हासिल कर सकते हैं। बाल गंगाधर तिलक भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों मे से एक हैं। भारत को आज़ाद कराने के लिए इन्होंने अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। भारत को अंग्रेजों से आज़ादी दिलाने मे बाल गंगाधर तिलक के योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता है। 


इसीलिए आज के इस लेख मे हम सब जानने वाले हैं, बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार। लेकिन उससे पहले आईये जानते हैं बाल गंगाधर तिलक के बारे मे कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां। 


Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi - बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार
Bal Gangadhar Tilak Quotes in Hindi


Bal Gangadhar Tilak Quotes In Hindi | बाल गंगाधर तिलक के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारियां


बाल गंगाधर तिलक भारतीय समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और आधुनिक भारत का निर्माण करने में उनकी अहम भूमिका रही। 


"स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मै इसे लेकर रहूंगा!" 


जी हां, आजादी की लड़ाई में पंडित बाल गंगाधर तिलक ने यही नारा दिया था, जिसे आज भी हम गर्व से याद करते हैं। बाल गंगाधर तिलक के इस उदघोष ने अंग्रेजी हुकूमत की न्यू हिला दी थी और दूसरी तरफ युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बने। 


बाल गंगाधर तिलक का नाम सुनते ही अंग्रेजी हुक्मरानों की नींद उड़ जाती थी। उनका खौफ था की अंग्रेजों उन्हे भारतीय अशांति का पिता कहते थे, और जन मानस मे उनकी इतनी प्रसिद्धि थी कि लोग उन्हें लोकमान्य कहकर संबोधित किया करते थे। 


  • बचपन से देश सेवा का जूनून


22 जुलाई 1856 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में बेहद पढ़े-लिखे परिवार में जन्मे बाल गंगाधर तिलक पढ़ाई में काफी अच्छे थे। रत्नागिरी में कुछ साल गुजारने के बाद तिलक का परिवार पुणे आ गया।


स्वभाव मे सच्चे और सीधे तिलक हमेशा से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते थे और देश को आजाद कराने का सपना देख रहे थे संस्कृत में आजाद कराने का सपना देख रहे थे। 


1877 में संस्कृत और गणित से ग्रेजुएशन के बाद तिलक ने कानून की पढाई की। Law की डिग्री लेने के बाद तिलक पुणे में एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने लगे। 


स्कूल में पढ़ाने के दौरान तिलक ने देश को आजाद कराने का सामना नहीं मरने दिया। इसी दौरान स्कूल मैनेजमेंट से उनका विवाद हुआ और उन्होंने नौकरी छोड़ दी। 


भारतीय छात्रों को राष्ट्रीयता से जुड़ने के लिए उन्होंने दक्कन एडुकेशनल सोसाइटी की शुरुआत की। साथ ही दो अखबार मराठी मे केसरी और हिंदी मे मराठा का प्रकाशन शुरू किया। 


इस दौरान बाल गंगाधर तिलक राजनीतिज्ञ जीवन की शुरुआत भी की। 


  • जब कांग्रेस मे हुआ तिलक का विरोध


साल 1890 मे बाल गंगाधर तिलक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने पार्टी के उदारवादी उसूलों को चुनौती देनी शुरू कर दी। वो अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हथियार उठाने के समर्थक थे।


जब लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया तो तिलक ने स्वदेशी आंदोलन के साथ ही ब्रिटिश सामानों के बहिष्कार का साथ दिया। उनके काम करने के तरीके के कारण साल 1907 मे कांग्रेस दो धड़े मे बँट गयी। 


साल 1896 मे तिलक ने आकाल पीड़ितों के लिए  अकाल राहत फंड की शुरुआत की। इसी दौड़ान पुणे और आसपास के इलाकों में प्लेग महामारी फैली। अंग्रेजी हुकूमत ने इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। 



इससे नाराज होकर बाल गंगाधर तिलक ने अपने अखबार में एक के बाद एक कई लेख लिख डाले। इसके बाद तिलक को 18 महीने के लिए जेल भेज दिया गया। 


  • महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल


बाल गंगाधर तिलक ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल की। उन्होंने अपनी बेटियों की शादी भी 16 साल की उम्र तक नहीं की। 


तिलक ने गणेश चतुर्थी और शिवाजी जयंती पर भव्य समारोह का प्रस्ताव रखा था। इसके जरिये उनकी कोशिश भारतियों के बीच एकता और राष्ट्रवाद की भावना बढ़ाने की कोशिश की। 


बाल गंगाधर तिलक ने जात पात और छुआछूत का जमकर विरोध किया। यहाँ तक की उन्होंने ये तक कह दिया था की अगर भगवान भी छुआछूत करें तो मै उन्हें भी छोड़ दूंगा। 


साल 1906 में अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया। उन्हें 6 साल की सजा सुनाते हुए वर्मा के मांडले जेल भेज दिया गया। जेल में सजा के दौरान उन्होंने गीता रहस्य नामक किताब लिख डाली। इसके साथ ही उन्होंने और भी कई अच्छी किताबें लिखी।


  • पूरे भारत में होम रूल लीग


साल 1915 में तिलक रिहा होकर भारत लौटे। उनके अंदर बगावत की ज्वाला बुझी नहीं थी। साल 1916 में तिलक ने जोसेफ बैप्टिस्ट, एनी बेसेंट और मुहम्मद अली जिन्ना के साथ मिलकर ऑल इंडिया होम रूल लीग की स्थापना की। 


1 साल के अंदर होमरूल लीग से करीब 32 हजार लोग जुड़ गए। होम रूल लीग के जरिए तिलक ने भारतीयों के अंदर राष्ट्रीयता की भावना भरी। 


  • बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु


13 अप्रैल 1919 को जालियांवाला बाग हत्याकांड से बाल गंगाधर तिलक पूरी तरह टूट गए उनके इलाज की लाख कोशिश की गई लेकिन उनकी हालात मे सुधार नहीं हुआ। आखिरकार 1 अगस्त 1920 को उनका निधन हो गया। 


बाल गंगाधर तिलक क्रांतिकारी और मजबूत राष्ट्रवादी भावनाओं से ओतप्रोत शख्सियत थे। बावजूद उन्होंने देश की आजादी का खास ध्यान रखा। महाराष्ट्र समेत दूसरी जगहों पर होने वाले गणेश उत्सव की शुरुआत तिलक के कारण की हुई थी। 


उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारतीय क्रांति के जनक की उपाधि दी थी।


यहाँ तक अर्टिकले पढ़ने के बाद आप बाल गंगाधर तिलक के बारे मे बहुत सारी बातें जान गए होंगे। आईये अब जानते हैं Bal Gangadhar Tilak Quotes in Hindi यानी बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार। उम्मीद है Bal Gangadhar Tilak Quotes in Hindi आप को पसंद आयेगी। 


Bal Gangadhar Tilak Quotes in Hindi - बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार। 


  • Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi ( 1 to 10) 


Quote 1: 

स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 2: 

आलसी व्यक्तियों के लिए भगवान अवतार नहीं लेते, वह मेहनती व्यक्तियों के लिए ही अवतरित होते हैं, इसलिए कार्य करना आरम्भ करें। 

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 3: 

आप मुश्किल समय में खतरों और असफलताओं के डर से बचने का प्रयास मत कीजिये। वे तो निश्चित रूप से आपके मार्ग में आयेंगे ही।

 ~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 4: 

प्रातः काल में उदय होने के लिए ही सूरज संध्या काल के अंधकार में डूब जाता है और अंधकार में जाए बिना प्रकाश प्राप्त नहीं हो सकता।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 5: 

गर्म हवा के झोंकों में जाए बिना, कष्ट उठाये बिना,पैरों मे छाले पड़े बिना स्वतन्त्रता नहीं मिल सकती। बिना कष्ट के कुछ नहीं मिलता।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 6: 

यदि भगवान छुआछूत को मानते हैं, तो मैं उन्हें भगवान नहीं कहूँगा।

 ~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 7: 

क्या पता ये भगवान की मर्जी हो की मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ, उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे दुखी होने से अधिक लाभ मिले।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 8: 

भारत का तब तक खून बहाया जा रहा है, जब तक यहाँ सिर्फ कंकाल शेष ना रह जाएं।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 9: 

आपका लक्ष्य किसी जादू से नहीं पूरा होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना पड़ेगा।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 10: 

कमजोर ना बनें, शक्तिशाली बनें और यह विश्वास रखें की भगवान हमेशा आपके साथ है।

~ बाल गंगाधर तिलक


  • Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi ( 11 to 20) 


Quote 11: 

प्रगति स्वतंत्रता में निहित है। बिना स्वशासन के न औद्योगिक विकास संभव है, न ही राष्ट्र के लिए शैक्षिक योजनाओं की कोई उपयोगिता है… देश की स्वतंत्रता के लिए प्रयत्न करना सामाजिक सुधारों से अधिक महत्वपूर्ण है।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 12: 

हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 13: 

ये सच है कि बारिश की कमी के कारण अकाल पड़ता है लेकिन ये भी सच है कि भारत के लोगों में इस बुराई से लड़ने की शक्ति नहीं है।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 14: 

भारत की गरीबी पूरी तरह से वर्तमान शासन की वजह से है।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 15: 

भूविज्ञानी पृथ्वी का इतिहास वहां से उठाते हैं जहाँ से पुरातत्वविद् इसे छोड़ देते हैं, और उसे और भी पुरातनता में ले जाते हैं।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 16: 

यदि हम किसी भी देश के इतिहास को अतीत में जाएं, तो हम अंत में मिथकों और परम्पराओं के काल में पहुंच जाते हैं जो आखिरकार अभेद्य अन्धकार में खो जाता है।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 17: 

एक बहुत प्राचीन सिद्धांत है की ईश्वर उनकी ही सहायता करता है, जो अपनी सहायता आप करते हैं! आलसी व्यक्तियों के लिए  ईश्वर अवतार  नहीं लेता ! वह उद्योगशील व्यक्तियों के लिए ही अवतरित होता है ! इसलिए कार्य करना शुरु कीजिये !

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 18: 

मानव प्रकृति ही ऐसी है की हम बिना उत्सवों के नहीं रह सकते! उत्सव प्रिय होना मानव स्वाभाव है ! हमारे त्यौहार होने ही चाहियें।

 ~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 19: 

कर्त्तव्य पथ पर गुलाब-जल नहीं छिड़का होता है और ना ही उसमे गुलाब उगते हैं.।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 20: 

आप केवल कर्म करते जाइए, उसके परिणामों पर ध्यान मत दीजिये।

~ बाल गंगाधर तिलक


  • Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi ( 21 to 28) 


Quote 21: 

अपने हितों की रक्षा के लिए यदि हम स्वयं जागरूक नहीं होंगे तो दूसरा कोन होगा? हमे इस समय सोना नहीं चाहिये ,हमे अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रयत्न करना चाहिये। 

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 22: 

आपके लक्ष्य की पूर्ती स्वर्ग से आये किसी जादू से नहीं हो सकेगी! आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना है ! कार्य करने और कढोर श्रम करने के दिन यही हैं।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 23: 

जब लोहा गरम हो तभी उस पर चोट कीजिये और आपको निश्चय ही सफलता का यश प्राप्त होगा।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 24: 

मनुष्य का प्रमुख लक्ष्य भोजन प्राप्त करना ही नहीं है! एक कौवा भी जीवित रहता है और जूठन पर पलता है।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 25: 

धर्म और व्यावहारिक जीवन अलग नहीं हैं। सन्यास लेना जीवन का परित्याग करना नहीं है। असली भावना सिर्फ अपने लिए काम करने की बजाये देश को अपना परिवार बना मिलजुल कर काम करना है। इसके बाद का कदम मानवता की सेवा करना है और अगला कदम ईश्वर की सेवा करना है।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 26: 

मानव स्वभाव ही ऐसा है कि हम बिना उत्सवों के नहीं रह सकते, उत्सव प्रिय होना मानव स्वभाव है। हमारे त्यौहार होने ही चाहिए।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 27: 

महान उपलब्धियाँ कभी भी आसानी से नहीं मिलती और आसानी से मिली उपलब्धियाँ महान नहीं होतीं।

~ बाल गंगाधर तिलक


Quote 28: 

यह सत्य है कि बारिश की कमी के कारण अकाल पड़ता है, लेकिन यह भी सत्य है कि हमारे लोगों में इस बुराई से लड़ने की शक्ति नहीं है।

~ बाल गंगाधर तिलक




Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi - बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार से संबंधित अन्य सुविचार



प्रिय दोस्तों, ये थे बाल गंगाधर तिलक के प्रेरणादायक विचार। मुझें उम्मीद है की आपको Bal Gangadhar Tilak quotes in Hindi - बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार पढ़कर अच्छा लगा होगा। और आपको प्रेरित किया होगा। 

Comment मे बताईये की इनमे से कौन सा quotes आपको सबसे अच्छा लगा। 

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धन्यवाद। 

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