Bhagat Singh Quotes in Hindi - भगत सिंह के अनमोल विचार / मेरे प्रिय दोस्तों, कैसे हैं आप सब लोग। आज के इस पोस्ट मे हम पढ़ेंगे Bhagat Singh Quotes in Hindi यानि भगत सिंह के अनमोल विचार।


Shaheed Bhagat Singh Quotes In Hindi


Bhagat Singh Quotes in Hindi - भगत सिंह के अनमोल विचार


भगत सिंह ने अपने जीवन मे बहुत सारी अच्छी अच्छी बातें कही है, जिसे पढ़ कर हम सब प्रेरणा हासिल कर सकते हैं।


इसीलिए आज के इस लेख मे हम सब जानने वाले हैं, Bhagat Singh के अनमोल विचार (Bhagat Singh quotes in Hindi). लेकिन उससे पहले आईये जानते हैं Bhagat Singh के बारे मे कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां और रोचक बातें। 


Information about Bhagat Singh in Hindi - Bhagat Singh quotes in Hindi


सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है! 

देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है!!


शहीद भगत सिंह जिन्हें 23 मार्च 1931 को 23 वर्ष 5 महीने 23 दिन के अल्पायु में ब्रिटिश सरकार द्वारा सुखदेव और राजगुरु के साथ फांसी की सजा दी गई। अगर भगत सिंह चाहते तो माफी मांग कर फांसी से बच सकते थे, लेकिन मातृभूमि के इस सच्चे सपूत को झुकना पसंद नहीं था। उनका मानना था कि - 


जिंदगी तो अपने दम पर जी जाती है!

दूसरों के कंधे पर तो जनाजे उठा करते हैं!!


भगत सिंह की विचारधारा महात्मा गांधी से बिल्कुल ही अलग थी। उनका मानना था कि अगर हमें आजाद होना है तो ईट का जवाब पत्थर से देना ही होगा। वह कहते थे कि - जब शक्ति का दुरुपयोग हो तो वह हिंसा बन जाती है। लेकिन जब शक्ति का प्रयोग किसी सही कार्य को करने में कर रहे हैं तो वह एक न्याय का रूप  बन जाती है। 


दोस्तों उन्होंने लिखा है


मेरे सीने में जो जख्म है वह सब फूलों के गुच्छे हैं! 

हमें तो पागल ही रहने दो हम पागल ही अच्छे हैं!!


भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर 1907 को पंजाब के जिला लायलपुर के बंगा गांव में एक सिख दरबार में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। भगत सिंह का जब जन्म हुआ था, तब उनके पिता सरदार किशन सिंह और उन चाचा अजीत सिंह और स्वर्ण सिंह अंग्रेजों के खिलाफ खड़े होने के कारण जेल में बंद थे। 


भगत सिंह के पैदा होने वाले दिन ही उनके पिता और चाचा को जेल से रिहा किया गया था। इस बात से भगत सिंह के घर में खुशियां और भी बढ़ गई थी। भगत सिंह पढ़ाई के लिए दूसरे सिखों की तरह लाहौर के ब्रिटिश स्कूल में नहीं गए थे, क्योंकि वह ब्रिटिश सरकार की शिक्षा नहीं लेना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने दयानंद वैदिक हाई स्कूल में जाकर पढ़ाई की, जो कि आर्य समाज की ही एक संस्था थी। 


1919 में जब केवल वह 12 साल के थे, उस समय जलियांवाला बाग में हजारों बेगुनाह लोगों को मार दिया गया। उनके दिमाग में यह बात बैठ गई थी। 


इसीलिए 14 वर्ष की आयु में ही अपने और अपने देश की रक्षा के लिए अंग्रेजों को मारना शुरू कर दिया था। वे हमेशा से ही गांधीजी के अहिंसक होने का विरोध करते थे। क्योंकि चोरी चोरा कांड में मारे गए बेकसूर लोगों के पीछे का कारण अहिंसक होना ही था। 


जब चोरी चोरा कांड हुआ था, उस समय भगत सिंह जी स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन जब उन्होंने इस घटना के बारे में सुना तो 50 किलोमीटर पैदल चलकर वह घटना वाली जगह पर पहुंच गए। 


पहुंचने के बाद उन्होंने जो देखा वह बहुत ही ज्यादा दर्दनाक था। भगत सिंह ने उन शहीदों का बदला लेने की ठान ली और खून से सनी हुई मिट्टी मुट्ठी में भरकर घर लेकर आए। 


उसके बाद से ही भगत सिंह ने युवाओं को इकट्ठा करना शुरू कर दिया। एक अभियान की शुरुआत की जिसका मुख्य उदेश्य ईट का जवाब पत्थर से देकर ब्रिटिश राज्य को खत्म करना था। 


युवाओं पर भगत सिंह का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा और इसी प्रभाव को  देखते हुए ब्रिटिश पुलिस ने मई 1927 में भगत सिंह को अपनी हिरासत में लिया। 


उनके ऊपर यह आरोप लगाया कि अटूबर 1926 में हुए लाहौर बम धमाके में शामिल थे। हालांकि हिरासत में लेने के 5 हफ्ते बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। 


ब्रिटिश सरकार मजदूरों के विरोध में एक बिल पारित करवाना चाहती थी, क्योंकि उन्हें भारतीय आम लोगों की परेशानियों से कुछ भी लेना देना नहीं था। लेकिन भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और उनके दल को यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं था।क्योंकि देश के आम इंसान जिनकी हालत पहले से ही गुलामी के कारण खराब हो रखी है वह और खराब हो जाए। 


इसी बिल का विरोध करने के लिए भगत सिंह और उनके साथी बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय असेंबली में 8 अप्रैल 1929 को बम फेंके। 


बम फेंकने का मकसद किसी की जान लेना नहीं था । उस बम के निर्माण के समय उसमें विस्फोटक की मात्रा नहीं के बराबर थी। उनका मकसद केवल बम की आवाज से ब्रिटिश लोगों को डराना था ताकि वह बिल पास ना हो सके। 


बम फेंकने के बाद भगत सिंह और उनके साथी ने अपनी इच्छा से गिरफ्तारी दे दी। ताकि यह बात पूरे देश में फैल जाए और देश के अन्य भारतीय लोगों के अंदर भी स्वतंत्रता की भावना पैदा हो सके। 


देश की आजादी के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च 1931 की शाम करीब 7:33 पर फांसी दे दी गई और मात्र 23 वर्ष की छोटी उम्र मे इस वीर सपूत ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया और उनके नाम के आगे एक और पद भी जोड़ दिया गया - "शहीद"। 


दोस्तों व्यक्ति को कुचल कर कभी भी विचारों को नहीं मारा जा सकता। आज शहीद भगत सिंह हमारे लिए एक बहुत बड़े प्रेरणा स्रोत है।


यहाँ तक अर्टिकले पढ़ने के बाद आप भगत सिंह के बारे मे बहुत सारी बातें जान गए होंगे। आईये अब पढ़ते हैं Bhagat Singh Quotes in Hindi यानी भगत सिंह के अनमोल विचार। उम्मीद है Bhagat Singh Quotes in Hindi आप को पसंद आयेगी। 


Best Bhagat Singh Quotes in Hindi - भगत सिंह के सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार। 

 


Shaheed Bhagat Singh Quotes in Hindi – 1 to 10


Quote 1:

जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती है, दूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।

~ भगत सिंह


Quote 2:

मेरा धर्म देश की सेवा करना है।

~ भगत सिंह


Quote 3:

देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।

~ भगत सिंह


Quote 4:

सूर्य विश्व में हर किसी देश पर उज्ज्वल हो कर गुजरता है परन्तु उस समय ऐसा कोई देश नहीं होगा जो भारत देश के सामान इतना स्वतंत्र, इतना खुशहाल, इतना प्यारा हो।

~ भगत सिंह


Quote 5:

प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।

~ भगत सिंह


Quote 6:

 मनुष्य तभी कुछ करता है जब उसे अपने कार्य का उचित होना सुनिश्चित होता है, जैसा की हम विधान सभा में बम गिराते समय थे। जो मनुष्य इस शब्द का उपयोग या दुरुपयोग करते हैं उनके लाभ के हिसाब के अनुसार इसे अलग-अलग अर्थ और व्याख्या दिए जाते हैं।

~ भगत सिंह


Quote 7:

राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।

~ भगत सिंह


Quote 8:

यदि बहरों को सुनना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा। जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं थ। हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था । अंग्रेजों को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आज़ाद करना चहिये।

~ भगत सिंह


Quote 9:

किसी को ‘क्रांति’ शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते हैं।

~ भगत सिंह


Quote 10:

कोई भी व्यक्ति जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़ा हो उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमे अविश्वास करना होगा और चुनौती भी देना होगा।

~ भगत सिंह


Best Bhagat Singh Quotes in Hindi - 11 to 20


Quote 11:

किसी भी इंसान को मारना आसान है, परन्तु उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैं, तबाह हो जाते हैं, जबकि उनके विचार बच जाते हैं।

~ भगत सिंह


Quote 12:

जरूरी नहीं था कि क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था।

~ भगत सिंह


Quote 13:

आम तौर पर लोग जैसी चीजें हैं उसके आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की जरूरत है।

~ भगत सिंह


Quote 14:

जो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमें अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी।

 ~ भगत सिंह


Quote 15:

मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा , आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ। पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान है।

~ भगत सिंह

 

Quote 16:

सिने पर जो ज़ख्म है, सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।

~ भगत सिंह।


Quote 17:

इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है , जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे।

~ भगत सिंह


Quote 18:

…व्यक्तियो को कुचल कर , वे विचारों को नहीं मार सकते।

~ भगत सिंह


Quote 19:

क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे।

~ भगत सिंह


Quote 20:

क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।

~ भगत सिंह


Best Bhagat Singh thoughts in Hindi - 21 to 30


Quote 21:

निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं।

~ भगत सिंह


Quote 22:

मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।

~ भगत सिंह


Quote 23:

हमारा लक्ष्य शासन शक्ति को उन हाथों के सुपुर्द करना है, जिनका लक्ष्य समाजवाद हो, इसके लिए मजदूरों और किसानों को संगठित करना आवश्यक होगा, क्योंकि उन लोगों के लिए लॉर्ड रीडिंग या इर्विन की जगह तेजबहादुर या पुरुषोत्तम दास, ठाकुर दास के उग जाने से कोई भारी फर्क न पड़ सकेगा ।

~ भगत सिंह


Quote 24:

यदि हमारे नौजवान इसी प्रकार प्रयत्न करते जाएंगे, तब जाकर एक साल में स्वराज्य तो नहीं, किंतु भारी कुर्बानी और त्याग की कठिन परीक्षा में से गुजरने के बाद वे अवश्य विजयी होंगे । क्रांति चिरंजीवी हो। 

~ भगत सिंह


Quote 25:

जिंदा रहने की ख्वाहिश कुदरती तौर पर मुझमें भी होनी चाहिए । मैं इसे छिपाना नहीं चाहता, लेकिन मेरा जिंदा रहना एक शर्त पर है । मैं कैद होकर या पाबंद होकर जिंदा रहना नहीं चाहता। 

~ भगत सिंह


Quote 26:

अपने दुश्मन से बहस करने के लिये उसका अभ्यास करना बहोत जरुरी है।

~ भगत सिंह


Quote 27:

क्रांति लाना किसी भी इंसान की ताकत के बाहर की बात है। क्रांति कभी भी अपनेआप नही आती। बल्कि किसी विशिष्ट वातावरण, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में ही क्रांति लाई जा सकती है।

~ भगत सिंह


Quote 28:

इंसानों को कुचलकर आप उनके विचारो को नही मार सकते।

~ भगत सिंह


Quote 29:

भगत सिंह भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। वह अपने देशप्रेम के लिए आज के युवकों के लिए एक बहुत बड़ा आदर्श हैं।

~ भगत सिंह


Quote 30:

मेरा धर्म सिर्फ देश की सेवा करना है।

~ भगत सिंह


Shaheed Bhagat Singh thoughts in Hindi - 31 to 41


Quote 31:

मेरा जीवन एक महान लक्ष्य के प्रति समर्पित है – देश की आज़ादी। दुनिया की अन्य कोई आकषिर्त वस्तु मुझे लुभा नहीं सकती।

~ भगत सिंह


Quote 32:

सर्वगत भाईचारा तभी हासिल हो सकता है जब समानताएं हों – सामाजिक, राजनैतिक एवं व्यक्तिगत समानताएं।

~ भगत सिंह


Quote 33:

दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्ठी से भी खूशबू-ए-वतन आएगी।

~ भगत सिंह


Quote 34:

इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है।

~ भगत सिंह


Quote 35:

क्रांतिकारी सोच के दो आवश्यक लक्षण है – बेरहम निंदा तथा स्वतंत्र सोच।

~ भगत सिंह


Quote 36:

मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्वकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ पर ज़रूरत पड़ने पर मैं ये सब त्याग सकता हूँ और वही सच्चा बलिदान है।

~ भगत सिंह


Quote 37:

व्यक्ति की हत्या करना सरल है परन्तु विचारों की हत्या आप नहीं कर सकते।

~ भगत सिंह


Quote 38:

महान साम्राज्य ध्वंस हो जाते हैं पर विचार जिंदा रहते हैं।

~ भगत सिंह


Quote 39:

बम और पिस्तौल क्रांति नहीं लाते हैं। क्रान्ति की तलवार विचारों के धार बढ़ाने वाले पत्थर पर रगड़ी जाती है।

~ भगत सिंह


Quote 40:

लिख रह हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा… मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।

~ भगत सिंह


Quote 41:

यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।

~ भगत सिंह


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प्रिय दोस्तों, ये थे शहीद भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार। मुझें उम्मीद है की आपको Bhagat Singh quotes in Hindi - भगत सिंह के अनमोल विचार पढ़कर अच्छा लगा होगा। और बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार ने आपको प्रेरित किया होगा। 


Comment मे बताईये की इनमे से कौन सा quotes आपको सबसे अच्छा लगा। 


यदि आपको आज के इस पोस्ट Bhagat Singh quotes in Hindi - शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार से संबंधित कोई समस्या है तो comment मे जरूर लिखे, और  Bhagat Singh quotes in Hindi - भगत सिंह के अनमोल विचार को अपने दोस्तों के साथ share करना ना भूले। 


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