PhD Full Form | PhD क्या है और कैसे करें? पूरी जानकारी 2021

दोस्तों, लाइफ में हर किसी का सपना होता है कि ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई करके एक अच्छी और ईमानदारी की जॉब करे। एक सक्सेसफुल इंसान बने और गांव-समाज में अपना नाम रौशन करे। जिसके लिए वो दिन-रात मेहनत करते हैं और इसके लिए वो अलग-अलग प्रकार के कोर्स भी करते हैं। जिससे कि उनको एक अच्छी नौकरी प्राप्त हो जाय, लेकिन कोई भी कोर्स करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी होता है कि ये कोर्स क्या है?, इसे कैसे करते हैं?, इसके लिए क्वॉलिफिकेशन्स क्या-क्या होनी चाहिए?, इसमें आपको क्या-क्या पढ़ाया जाता है? इत्यादि। तो आज के इस आर्टिकल में मै एक ऐसे ही पॉपुलर कोर्स के बारे में बताने वाला हूँ जिसका नाम है PhD.

PhD Full Form | PhD क्या है और कैसे करें? पूरी जानकारी 2021

PhD Full Form | PhD क्या है और कैसे करें? पूरी जानकारी 2021

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आज मै आपको पीएचडी की पूरी जानकारी देने वाला हूँ जैसे कि PhD Kya Hai?, PhD Full Form, Ph.D कैसे करें? पीएचडी करने से क्या होता है?, PhD करने के लिए कितना पढ़ा-लिखा होना चाहिए? और भी बहुत सारे सवालों का जवाब आज मै आपको दूंगा। अगर आपने इस आर्टिकल को पूरा पढ़ लिया तो आपके मन में पीएचडी से जुड़ा कोई भी डाउट्स नहीं बचेगा। इसलिए इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें, तो चलिए शुरू करते हैं।

PhD Full Form

दोस्तों आईये सब से पहले जानते हैं की PhD का Full Form क्या होता है। दोस्तों Phd ka full form सुनने में थोड़ा अजीब सा लगता है क्योंकि ये सामान्य full forms से कुछ अलग है। PhD एक Doctorate की degree है। PhD ka full form, Doctor of Philosophy होता है। इसे Doctorate of Philosophy के नाम से भी जाना जाता है। यह विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक उच्च शैक्षिक डिग्री है।

Phd Ka Full Form – Doctor of Philosophy होता है जिसे Doctorate of Philosophy के नाम से भी जाना जाता है।
जब भी कोई व्यक्ति सफलतापूर्वक Phd पुरा कर लेता है तब उस व्यक्ति विशेष के नाम के पहले “Dr.” लिखा जाने लगता है, जो इस degree की अहमियत तथा गरिमा को दर्शाता है। PhD की डिग्री को प्राप्त करने के बाद व्यक्ति उस विषय मे expert बन जाता है, जिसमे उसने phd की है।

PhD क्या है?

Ph.D का पूरा नाम (Full Form) Doctor of Philosophy होता है। जिसे शार्ट में हम Ph.D कहते हैं। यह एक ऊंच डिग्री कोर्स है जोकि पूरे 3 साल का होता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद यानी कि पीएचडी की डिग्री लेने के बाद आपके नाम के आगे डॉक्टर लग जाता है।

पीएचडी करने का मतलब होता है कि आपने उस विषय में स्पेशलाइजेशन कर लिया है। इसलिए आप उस विषय के विशेषज्ञ हो गए हैं। इसलिए आपके नाम के आगे PhD करने के बाद Doctor लग जाता है। आपने देखा भी होगा कि कई लोग जो डॉक्टर नहीं होते हैं यानी कि वो किसी हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं होते हैं, लेकिन वो अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाते हैं। तो ये डॉक्टर इसलिए लगाते हैं क्योंकि वो पीएचडी कर रखे होते हैं। 

अगर आप किसी कॉलेज में प्रोफेसर या लेक्चरर बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए। तभी आप एक प्रोफेसर बन सकते हैं या फिर आप चाहें, तो Research और Analysis के क्षेत्र में भी इसके माध्यम में जा सकते हैं।

PhD में किसी एक खास विषय पर पढ़ाई की जाती है। जिसकी वजह से आपको उस विषय के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान मिल जाता है यानी कि आप उस विषय expert बन जाएंगे।

पीएचडी करने के लिए कौन कौन सी Qualification होनी चाहिए?

Candidate 12th क्लास और ग्रेजुएशन पास होना चाहिए। पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए आपको पहले एक एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है जिसके लिए अप्लाई करने के लिए आपके 12th क्लास में 55% मार्क्स होने चाहिए। अगर आप इंजीनियरिंग में PhD करना चाहते हैं, तो आपका एक Valid Gate Score होना चाहिए। मास्टर डिग्री में आपका 55% मार्क्स होना अनिवार्य है। आप जिस विषय में पीएचडी करना चाहते हैं, उसी विषय से आपने मास्टर डिग्री की होनी चाहिए।

PhD करने के क्या-क्या फायदे हैं?

पीएचडी करने के बाद आप अपने विषय में expert बन जाते हैं। इसके अलावा आप किसी कॉलेज में एक प्रोफेसर बन सकते हैं या फिर आप चाहें, तो रिसर्च के field मे भी अपना career बना सकते हैं। PhD करने के बाद आप किसी भी position में जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। PhD करने वाले को हम Creator of Informational भी कहते हैं।

पीएचडी किसे करना चाहिए?

दोस्तों, आपने देखा होगा कि हर व्यक्ति PhD नहीं करता है। अगर हमारे इंडिया में ही देखा जाय तो ऐसे बहुत कम लोग हैं, जिन्होंने PhD की है। आपने यह सुना होगा कि वो पॉलीटेक्निक कर रहा है, उसका लड़का आईटीआई कर रहा है या इंजीनियरिंग कर रहा है, लेकिन यह बहुत कम सुना होगा कि कोई पीएचडी कर रहा है क्योंकि पीएचडी करने में और तक पहुँचने में काफी समय देना पड़ता है। आपके 5 से 6 साल ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने में ही गुजर जाते हैं।

अगर आप मिडिल क्लास फैमली से संबंध रखते हैं, तो आपको पता होगा कि जैसे ही बच्चा 22,23,24 साल का होता है, तो उसके ऊपर परिवार का बहुत बड़ा दबाव होता है कि कुछ कमाओ और दूसरे लोगों के बच्चे का उदहारण देते हैं कि देखो उसका लड़का काम कर रहा है और तू क्या करता है? कुछ नहीं करता है, दिन भर घर में बैठा रहता है। इसके कारण नौकरी करने का दबाव आपके ऊपर रहता है। ऐसे में कई लोग PhD नहीं कर पाते हैं।

PhD किसे नहीं करना चाहिए?

पीएचडी आपको तभी करनी चाहिए जब आपको लगे कि आपको किसी एक विषय में बहुत अधिक रुचि है और आप उस विषय को लेकर कोई रिसर्च का काम करना चाहते हो। इसके अलावा यदि आप प्रोफेसर बनना चाहते हैं, तो ही आप PhD Course करें। ऐसे फालतू में किसी को देखकर मत करना या आपका दोस्त कर रहा है, तो मै भी कर लूँ या फिर आपके रिश्तेदार में कोई पीएचडी करके एक अच्छे मुकाम पर है, तो उनको देखकर के भी मत करना यार।

आप, अपने आप से पूछे कि सच में मुझे PhD करना चाहिए या नहीं? अगर नहीं, तो और भी ऐसे बहुत सारे क्षेत्र हैं, जहाँ पर आप अपना करियर बना सकते हो। यहाँ मै सिर्फ PhD के लिए ही नहीं बोल रहा हूँ। आप अपने जीवन में कुछ भी करो, लेकिन किसी के दबाव में आकर या किसी को देख कर न करें। अगर आपको उस क्षेत्र में रुचि है, तो ही करें, वर्ना छोड़ दें। नहीं तो बाद में एक पछतावा रह जाएगी कि अगर उस समय पर मै ये गलती ना करता, तो आज मेरी life एक अलग ही मुकाम पर होती। इसलिए कुछ भी करें, सोच-समझ कर करें।

PhD कैसे करें?

पीएचडी करने के लिए सबसे पहले आपको 12th और ग्रेजुएशन पास करना होगा, किसी भी सब्जेक्ट्स से। जैसे ही आप अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर लेते हैं, इसके बाद आपको पोस्ट ग्रेजुएशन यानी कि मास्टर डिग्री के लिए अप्लाई करना होगा। ध्यान रहे, जिस सब्जेक्ट या फील्ड में आपने बैचलर डिग्री पूरी की है, उसी सब्जेक्ट में मास्टर डिग्री पूरी करें। तभी आपको पीएचडी में फायदा होगा और कोशिश करें कि मास्टर और बैचलर डिग्री में आपके कम से कम 60% Marks हों ताकि आपको आगे entrance exams के लिए कोई समस्या ना हो।

जैसे ही आपका पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा हो जाता है, तो आपको PhD करने के लिए UGC NET Exam को देना होगा और इसे क्लियर करना होगा। पहले यह एग्जाम नहीं था, लेकिन अब पीएचडी करने के लिए इस एग्जाम को पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। जैसे ही आप NET Exam पास कर लेते हैं, इसके बाद आप PhD Entrance Exam देने के योग्य हो जाते हैं। तो अब आपको अपने हिसाब से जिस भी कॉलेज में पीएचडी की पढ़ाई करनी है, उस कॉलेज का एंट्रेंस एग्जाम देकर आप कर सकते हैं। हर यूनिवर्सिटी अपने अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करती है। तो आपको पीएचडी करने के लिए इस एग्जाम को पास करना होगा। तभी आपको पीएचडी में एडमिशन मिलेगा।

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निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, इस आर्टिकल के माध्यम से अब आप जान गए होंगे कि PhD Kya Hai और इसे कैसे किया जा सकता है और PhD का Full Form क्या है? इस आर्टिकल के बारे में आपका क्या कहना है? यह जानकारी आपको कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में लिखकर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें। जानकारी अच्छी अच्छी लगी हो, तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि बाकी लोगों तक भी यह महत्त्वपूर्ण जानकारी पहुँच सके, धन्यवाद।

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