भारत के 10 सबसे साफ शहर | Top 10 Cleanest Cities In India


सफाई हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए कितनी जरूरी है यह किसी को बताने की जरूरत तो है नहीं। हम सब चाहते हैं कि हमारा शहर साफ रहे, हमारा घर साफ रहे। लेकिन क्या हम जानते हैं कि हमारा शहर कितना साफ है और कितना नहीं?


क्या आप जानते हैं कि भारत के 10 सबसे ज्यादा साफ शहर कौन से हैं। किस शहर के लोगों से हमें सीख लेने की जरूरत है? अगर इन सब सवालों के उत्तर आप के पास नही है तो इस article को अंत तक जरूर पढ़ें। आप के इन सारे सवालों के जवाब इस article मे मिल जायेंगे। क्योंकि की आज के इस आर्टिकल मे हम बात करने वाले हैं, भारत के top 10 सबसे साफ शहर के बारे मे।


India ke 10 sabse saaf shahar


भारत के 10 सबसे साफ शहर | Top 10 Cleanest Cities In India


भारत के 10 सबसे साफ शहर | Top 10 Cleanest Cities In India


(10) Tirupati (तिरुपति)


तिरुपति आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहरों मे से एक है। यह शहर हिंदू आस्था का केंद्र है। यहां तिरुमला की पहाड़ियों पर श्री वेंकटेश्वर मंदिर मौजूद है, जिसे तिरुपति बालाजी मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर तिरुपति का प्रमुख आकर्षण है और इसी के कारण यहां साल भर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।


ऐसे में आम तौर पर यही सोचा जाता है कि यह जगह काफी ज्यादा गंदी होगी लेकिन ऐसा नहीं है। नेशनल सर्वे के अनुसार यहां के लोग साफ सफाई पर बहुत ज्यादा ध्यान देते हैं। इस कारण यह जगह भारत के साफ शहरों की सूची मे 10 वे नंबर पर है। 


2017 के शहरों की सूची में यह शहर 9वें नंबर पर थी लेकिन अब यह 10 वें नंबर पर आ गयी है।


(09). Navi Mumbai ( नवी मुंबई )


नवी मुंबई मुंबई शहर का ही एक हिस्सा है। 1971 से ही इस शहर को बनाया जा रहा है। Doston इस शहर की आबादी 11 लाख के लगभग है और यह भारत के सबसे प्रमुख शहरों में से एक है।


जहां मुंबई को भारत की औद्योगिक राजधानी कहा जाता है वही नवी मुंबई भी इस दर्जे को प्राप्त कर चुकी है। यह ट्रेड सेंटर होने के साथ-साथ लोगों के लिए एक सुकून भरी जगह भी है। इसका कारण है, यहां के पेड़ पौधे और सफाई। 


इस शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है। उनकी यह कोशिश है कि 2019 के अंत तक नवी मुंबई में एयरपोर्ट बना दिया जाए। दुनिया के top 10 साफ शहरों की list मे यह 9वे नंबर पर जरूर है लेकिन पिछले सालों में यह शहर आठवें नंबर पर हुआ करता था।


(08) New Delhi (नई दिल्ली)


भारत का दिल कहे जाने वाले दिल्ली हमारी लिस्ट में आठवें नंबर पर हैं। दिल्ली भारत का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला नगर हैं और दुनिया का आठवां सबसे ज्यादा आबादी वाला नगर है। दिल्ली नगर में ही मौजूद 2 शहरों को सबसे ज्यादा साफ शहरों की लिस्ट में शामिल किया गया है। वह दो शहर है नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल और दिल्ली कैंट।


ऐसे तो दिल्ली प्रदूषण से भरी हुई है लेकिन यह दोनों ही बाकी दिल्ली से काफी अलग है और यहां पर प्रदूषण काफी ज्यादा कम है।


दोस्तों मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि दिल्ली में प्रदूषण खराब हवा के कारण है। यानी कि इसकी सफाई से कोई लेना देना नहीं है। बल्कि दिल्ली ने प्रदूषण रोकने की कोशिश इस तरह से की है जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। लक्ष्यद्वीप और चंडीगढ़ के बाद सबसे ज्यादा पेड़ों वाला शहर दिल्ली ही है।


दिल्ली को साफ रखने का क्रेडिट यहां के लोगों को जाता है। वहीं दिल्ली को गंदा करने का क्रेडिट यहां के लोगों से ज्यादा यहां आने वाले टूरिस्ट को जाता है।


दिल्ली अपने मॉन्यूमेंट और घूमने लायक जगहों के कारण मशहूर है। दिल्ली में इंडिया गेट, हिमायू का मकबरा, लाल किला, जामा मस्जिद जैसी जगह है।जिनके कारण लोग दिल्ली की ओर खिंचे चले आते है।


साथ इस दिल्ली एजुकेशन और trade का गढ़ भी है। अब इतना कुछ है तो गंदगी और प्रदूषण भी होगा। लेकिन दिल्ली वालों ने साफ-सफाई और पेड़ लगाकर जिम्मेदार citizenship दिखाई है।


(07). Tiruchirappali (तिरुचिरापलि) 


यह शहर तमिलनाडु के प्रमुख शहरों मे से एक है। यह दो नदियों के किनारे पर बसा काफी खूबसूरत शहर है। ऐसा माना जाता है कि इसे काफी पहले स्थापित किया गया था।


यह काफी प्राचीन शहर होने के साथ-साथ हिंदू मान्यताओं का केंद्र भी है इस शहर का मुख्य आकर्षक यहाँ मौजूद श्री रंगनाथस्वामी मंदिर है।


यहाँ की कुल आबादी लगभग 9.17 लाख है। इतनी आबादी वाले शहर को साफ-सुथरा रखना काफी मुश्किल भले ही हो लेकिन यहाँ के लोगों ने अच्छी citizenship दिखाते हुए इस स्तर को साफ रखा है।


यह शहर भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। मंदिरों के कारण यहां पर बड़ी मात्रा में टूरिस्ट और श्रद्धालु आते हैं और शायद उन्हीं के कारण यह शहर 2017 में छठी रैंक से इस साल 7वी रैंक पर आ गया है।


(06). Mysore (मैसूर)


कर्नाटक का शहर मैसूर भारत के सबसे साफ शहर की लिस्ट में छठे नंबर पर है। 2017 में यह पांचवे नंबर पर था। यह शहर 1399 से 1947 तक मैसूर साम्राज्य की राजधानी रहा है। इसे टीपू सुल्तान जैसे शासकों के लिए जाना जाता है।


यहां पर कई सारे palaces मौजूद हैं जिनके कारण टूरिस्ट मैसूर आते हैं। इस शहर की आबादी 8.87 लाख है। इस शहर को देखकर लगता है कि आबादी का हर व्यक्ति शहर को साफ़ रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।


(05). Surat (सूरत)


सूरत भारत के मुख्य शहरों में से एक है। यह शहर सात शहरों की लिस्ट में पांचवें नंबर पर है। 2017 में यह चौथे नंबर पर था लेकिन 2 सालों में फिसलकर पांचवें नंबर पर आ गया है सूरत को यहां की टेक्सटाइल मार्केट के कारण जाना जाता है सूरत कपड़ों के व्यापार का केंद्र है।


सूरत की आबादी कुल 44.6 लाख है और यह कुल 327 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। तापी नदी के किनारे पर बसा सूरत एक बंदरगाह इलाका है। इसलिए पूर्तगली भारत मे जब कलोनियाँ बसा रहे थे तब सूरत को भी उन्होंने अपने एजेंडे में शामिल किया था। लेकिन पुर्तगालियों से बचने के लिए सूरत में किले का निर्माण किया गया था।


(4). Visakhapatnam (विशाखापट्टनम) 


विशाखापट्टनम भारत के प्रमुख बंदरगाह शहरों में से एक है। 2017 में यह देश का तीसरा सबसे साफ शहर हुआ करता था लेकिन इस साल यह चौथे नंबर पर आ गया है।


यह शहर बहुत अधिक खुबसूरत है और tourist को बहुत ज्यादा आकर्षित करता है। यहाँ कई खूबसूरत beaches भी है जहां से बंगाल की खाड़ी की खूबसूरती का मजा लिया जा सकता है। यहां की आबादी 21 लाख के लगभग है। इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद शहर हर समय चमकता है।


(3). Chandigarh (चंडीगढ़) 


1 नवंबर 1966 को यूनियन टेरिटरी बना शहर चंडीगढ़ तब से अब तक काफी तरक्की कर चुका है। चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा दोनों ही राज्यों की राजधानी है। इस कारण इसे दोनों ही राज्यों की सरकारों द्वारा देख रेख मिलती रही है।


यह देश का सबसे ज्यादा हरा भरा शहर है। साथ ही साथ इसे देश के सबसे ज्यादा डिजाइन किए गए शहरों में से भी एक माना जाता है। साफ और हरा भरा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा एडवांस भी है। ऐसा इसलिए क्योंकि जल्द ही चंडीगढ़ शहर देश का सबसे पहला सोलर पावर से चलने वाला शहर बन जाएगा।


चंडीगढ़ की आबादी 1000000 के लगभग है। पूरे शहर में कई सारे टूरिस्ट atraction है जिस कारण काफी सारे टूरिस्ट आते हैं। टूरिस्ट attraction में माता चंडी का मंदिर प्रमुख है। इसी मंदिर के नाम पर चंडीगढ़ का नाम रखा गया है। चंडीगढ़ में देखने लायक शिवालिक रेंज की हिल्स भी हैं।


(2). Bhopal (भोपाल) 


इस लिस्ट में मध्य प्रदेश से शामिल होने वाला भोपाल दूसरा शहर है। भोपाल भारत के सबसे हरियाली वाले शहरों में से एक है। इसके हरा भरा होने के कारण यहाँ पर मौज़ूद झील और वन बिहार नेशनल पार्क है। दोस्तों भोपाल को झीलों का शहर भी कहा जाता है। इसके पीछे का कारण है की यह शहर झीलों के किनारों पर ही बसा हुआ है।


इस शहर के उत्तर मे एक झील है और शहर के दक्षिण में झील है। उत्तरी झील के किनारे पर एक नेशनल पार्क बना हुआ है, जिसमे बाघ शेर और तेंदुये पाए जाते हैं।


यह शहर पर्यटकों के लिए काफी ज्यादा खास है। यहाँ पर बहुत सी घूमने लायक जगह हैं जिस कारण यहाँ पर बहुत सारे tourist आते रहते हैं। State capital होने के कारण बाहर के लोग भी बहुत आते हैं। 18 लाख की आबादी वाला यह शहर 285 km के area मे फैला हुआ है।


आपको जानकर हैरानी होगी भोपाल पिछले 3 सालों से लगातार भारत का दूसरा सबसे साफ शहर है।


(1). Indore (इंदौर)


मध्य प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर को जाना जाता है। मध्य प्रदेश का यह शहर साफ शहरों की सूची में नंबर 1 पर है। केवल इस साल ही नही बल्कि इंदौर को पिछले 3 सालों से नंबर वन का खीताब दिया जा रहा है।


पिछले तीन सालों से इंदौर भारत का सबसे साफ शहर बना हुआ है।  इंदौर कुल 530 वर्ग किलोमीटर मे फैला हुआ है और यहाँ की आबादी कुल 19.9 लाख के लगभग है।


इतने बड़े शहर को साफ रख पाना काफी ज्यादा मुश्किल है। लेकिन इंदौर के लोगों ने यह करके दिखाया है। इस शहर मे भी भारत के बाकी शहरों की तरह ही बहुत सारे घूमने के शहर हैं। यहाँ का राजवाड़ा महल और लालबाग महल बहुत ज्यादा मशहूर है। यहाँ पर राज करने वाले ओल्कर सम्राज्य के नाम पर यहाँ एक ओल्कर stadium है।इसके अलावा यहाँ पर और भी बहुत सारे दर्शनीय स्थल हैं। कुल मिलाकर यह टूरिस्ट को अपने तरफ खिचने वाला शहर है।


निष्कर्ष


तो दोस्तों ये थे हमारे भारत के 10 सबसे साफ शहर। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें comment मे जरूर बताये। और इसे अपने दोस्तों के साथ भी share जरूर करें।


धन्यवाद

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