9 Best Moral Stories in Hindi for Class 1

 

Moral Stories in Hindi for class 1: Hello friends, how are you? Today I am sharing the top 9 moral Hindi stories for class 1. These short stories in Hindi are very valuable for class 1 and give very good moral.

 

आज के इस आर्टिकल मे, मै आप के साथ best 9 short stories in Hindi for class 1 with moral share कर रहा हूँ। ये हिंदी नैतिक कहानियाँ बच्चों के लिए बहुत ही उपयोगी होगी। ये सभी कहानियों के अंत मे नैतिक शिक्षा दी गयी हैं। जो बच्चों को लोगों और दुनिया को समझने मे बहुत मदद करेगी।


 

आईये इन top 9 moral stories in Hindi for class 1 पढ़ते हैं।

 

Top 10 Moral Short Stories in Hindi for Class 1

 

9 Best Moral Stories in Hindi for Class 1

(1). प्यासा कौआ - Moral stories in Hindi for class 1

 

जून का महीना था। बहुत तेज गर्मी पड़ रही थी। इसी गर्मी मे एक कौआ बहुत प्यासा था। प्यास के कारण उसका गला सूख रहा था।

 

वह पानी की तलाश में इधर उधर भटक रहा था, लेकिन उसे कहीं भी पानी नही दिखाई दिया। तेज धूप के कारण सारे जलाशय सूख गये थे।

 

वह पानी के तलाश मे भटकता हुआ जंगल से शहर आ गया। लेकिन उसे शहर मे भी कहीं पानी नही मिला। अंत में वह हार कर एक मकान के छत पर बैठ गया।

 

कौवा निराश बैठा था तभी उसे छत एक कोने पर एक घड़ा दिखाई दिया। वह तेजी से घड़े के पास गया। उसने उसमें झाँककर देखा तो उसमे थोड़ा-सा पानी था। लेकिन उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुँच सकती थी।

 

घड़े के पास कुछ कंकड़ बिखरे पड़े थे। इन कंकड़ को देख कर तुरंत उसे एक उपाय सूझा। वह इन कंकड़ो को उठाकर घडे़ में डालने लगा। कंकड़ डालने पर धीरे-धीरे घड़े का पानी ऊपर आने लगा। अब कौए की चोंच पानी के सतह तक पहुँचने लगी। कौए ने जी-भर कर पानी पिया, प्यास बुझाई और खुशी से काँव-काँव करता उड़ गया।

 

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। कठिन परिस्थिति में भी मेहनत करने से सफलता मिल जाती है।

 

(2). अंगूर खट्टे हैं - Short stories in Hindi for class 1

 

एक दिन की बात है, एक भूखी लोमड़ी भोजन के तलाश मे अंगूर के बगीचे में जा पहुँची। बगीचे मे बहुत सारे पके हुए अंगूरों के गुच्छे लटक रहे थे।

 

फिर क्या था। पके हुए अंगूरों को देख कर भूखी लोमड़ी के मुँह में पानी आ गया। मुँह ऊपर की ओर बढ़ाते हुए उसने अंगूरों को पाने की कोशिश की। लेकिन अंगूर काफी ऊँचाई पर होने के कारण वह अपने पहले प्रयास मे सफल न हो सकी। उन अंगूरो को पाने के लिए लोमड़ी बहुत उछली, लेकिन उसके सभी प्रयास बेकार हो गए। आखिरकार थक कर उसने उम्मीद छोड़ दी और वहाँ से जाने लगी।

 

जाते-जाते उसने कहा, "अंगूर खट्टे हैं। ऐसे खट्टे अंगूर कौन खाएगा?"

 

Moral of this Hindi Story for class 1

 

शिक्षा - हार मानने में हर्ज क्या? जब कोई किसी वस्तु को प्राप्त करने के लिए कोशिश करता है लेकिन फिर भी सफल नही हो पाता है, तो वह अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए उस वस्तु को ही तुच्छ साबित करने की कोशिश करता है। जबकि हमे उस चीज को पाने के लिए अलग तरीके से मेहनत करनी चाहिए।

 

(3). खरगोश और कछुआ - Class 1 Stories in Hindi with moral

 

बहुत समय पहले की बात है। एक जंगल मे कछुआ और खरगोश दो मित्र रहते थे। कछुआ खरगोश के मुकाबले मे बहुत धीरे चलता था। खरगोश को अपने तेज चाल पर घमंड था। वह हमेशा कछुए की चाल देख कर खूब हँसता था।

 

एक दिन खरगोश ने कछुए से दौड़ की शर्त लगाई। तय समय पर दौड़ शुरू हुई। खरगोश ने तेज दौड़ लगाई और जल्दी ही कछुए से आगे निकल गया।

 

खुद को दौड़ मे आगे पाकर खरगोश ने सोचा, अभी कछुआ बहुत पीछे हैं। शर्त जीतने की इतनी जल्दी क्या है? कछुआ जब तक आएगा तब तक पेड़ के नीचे बैठकर थोड़ा आराम कर लेता हूँ। जब कछुआ यहाँ आएगा, तो दौड़कर मैं उससे आगे निकल जाऊँगा और शर्त जीत लूंगा।


 

यह सोचकर खरगोश पेड़ की छाया में आराम करने लगा। लंबी दौड़ के कारण वह बहुत थक गया था। जिसके कारण खरगोश को नींद आ गयी। कछुआ अब भी बहुत पीछे था।

 

कुछ देर बाद जब खरगोश की आँख खुली तो उसने देखा कि कछुआ बहुत आगे चला गया है और विजय-रेखा पारकर मुस्करा रहा है।

 

कछुआ रेंगते हुए भी शर्त जीत गया जबकि खरगोश शर्त हार गया।

 

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है की धैर्य और लगन से काम करनेवाला ही विजयी होता है। हमे कभी भी खुद पर घमंड नही करना चाहिए।

 

(4). चालाक लोमड़ी - Hindi stories for class 1st with moral

 

एक दिन की बात है, एक छोटा सा बच्चा अपने हाथ में एक रोटी का टुकड़ा लेकर खेल रहा था। तभी एक कौवे ने बच्चे के हाथ से रोटी छीन ली।

 

उसके बाद तेजी से उड़ता हुआ एक पेड़ की ऊँची डाली पर जा बैठा और रोटी खाने लगा। तभी रास्ते से गुजर रहे एक लोमड़ी की नजर कौवे पर पड़ी। कौवे के मुँह मे रोटी का टुकड़ा देख लोमड़ी के मुँह में पानी भर आया। वह तुरंत ही पेड़ के नीचे जा पहुँची। उसने कौए की ओर देख कर कहा, कौए राजा, नमस्ते। आप अच्छे तो है?

 

कौवा रोटी खाने मे व्यस्त था इसलिए कोई जवाब नही दिया।

 

लोमड़ी ने दोबारा कहा, कौए राजा, आप बहुत चमकदार और सुंदर दिख रहे हैं। आपकी आवाज भी बहुत मधूर है। क्या आप मुझे एक गाना सुना सकते हैं।

 

मूर्ख कौए को अपनी प्रशंसा सुनकर रहा नहीं गया। वह तुरंत बिना कुछ सोचे गाना गाने लगा। उसने जैसे ही गाने के लिए अपनी चोंच खोली तो चोंच में दबी रोटी नीचे आ गिरी।

 

बस क्या था, जैसे ही रोटी जमीन पर गिरी, लोमड़ी रोटी उठाकर फौरन भाग गयी।

 

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमे शिक्षा मिलती है की हमे झूठी तारीफ करनेवाले से सावधान रहना चाहिए। दूसरे के बहकावे मे नही आना चाहिए।

 

(5). लालची कुत्ता - Moral Hindi stories for class 1

 

एक बार एक कुत्ता भोजन की तलाश में इधर उधर भटक रहा था। काफी भटकने के बाद उसे एक होटल के सामने हड्डी का एक छोटा सा टुकड़ा मिल गया।

 

हड्डी का टुकड़ा पाकर कुत्ता बहुत खुश हुआ और शहर के दूसरे कुत्तों से बचने के लिए जंगल की तरफ भागने लगा।

 

रास्ते में एक पुल था। कुत्ता जब नदी पार कर रहा था तो उसे पानी में अपनी ही छाया दिखाई दी। उसे लगा कि नदी में कोई दूसरा कुत्ता है और उसके मुँह मे भी हड्डी का एक टुकड़ा है।

 

इस कुत्ते के मन में दूसरे हड्डी के टुकड़े को भी लेने का ख्याल आया। हड्डी के टुकड़े को छिनने के लिए उसने दूसरे कुत्ते पर भौंकने के लिये मुँह खोला, तो उसके मुँह से हड्डी का टुकड़ा नदी मे जा गिरा। दूसरे हड्डी के लालच में उसने अपने मुँह की हड्डी भी गँवा दी।

 

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है की लालच का फल बुरा होता है।


(6). मधुमक्खी और कबूतर - Short Stories in Hindi for class 1


एक बार एक मधुमक्खी थी उड़ती हुई एक तालाब के ऊपर से जा रही थी। किसी कारणवश, अचानक वह तालाब के पानी में गिर गई। वह पूरी तरह पानी में भीग गयी।  उसके पंख गीले हो गए जिसके कारण अब वह उड़ नही सकती थी। अब उसकी मृत्यु निश्चित थी।


उसी तालाब के किनारे एक बहुत पड़ा पेड़ था। उस पेड़ पर बैठा एक कबूतर मधुमक्खी को पानी में डूबते हुए देख कर बचाने का फैसला किया। उसने तुरंत पेड़ से एक पत्ता तोड़ा और उसे अपनी चोंच में दबाकर तालाब में मधुमक्खी के पास गिरा दिया। धीरे-धीरे मधुमक्खी उस पत्ते पर चढ़ गई। जल्दी ही उसके पंख सूख गये। जान बचने पर उसने कबूतर को धन्यवाद दिया और फिर उड़ कर दूर चली गई।


इस घटना के कुछ दिन बाद ही कबूतर पर एक संकट आया। वह उसी पेड़ की एक डाली पर आँख मूंद कर आराम से सो रहा था। तभी एक शिकारी ने अपने धनुष से कबूतर पर निशाना साधा। आँख मूंद कर आराम से सो रहा कबूतर इस खतरे से अनजान था। लेकिन मधुमक्खी ने शिकारी को कबूतर पर निशाना साधते हुए देख लिया था। मधुमक्खी ने कबूतर की जान बचाने का निश्चय किया। 



वह तुरंत उड़कर शिकारी के पास पहुँची। उसने शिकारी के हाथ में जोर से डस लिया। फिर क्या था, शिकारी के हाथ से धनुष गिर पड़ी। वह दर्द के मारे जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगा। शिकारी की चीख सुनकर कबूतर की नींद खुल गयी। वह जल्द ही पूरी घटना समझ गया। उसने अपनी जान बचाने के लिए मधुमक्खी को धन्यवाद दिया और मजे से उड़ गया।


शिक्षा - अच्छे लोग हमेशा दूसरो की मदद करते हैं। हमें भी हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए। क्या पता वह कभी हमारे काम आ सके, क्योंकि दूसरों का भला कभी व्यर्थ नही होता है।


07. शेर और चूहा - New story in Hindi for class 1


मई का महीना था। झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही थी। दोपहर में जंगल का राजा शेर पेड़ की छाया में सो रहा था। उसी पेड़ के पास बिल में एक चूहा रहता था। वह भी खेलने के लिये अपने बिल से बाहर निकला और सोए हुए शेर के पास उछाल कूद करने लगा। इससे शेर की नींद टूट गयी। उसने चूहे को अपने  पंजे मे धर दबोचा। बेचारा छोटा चूहा डर से काँपने लगा और चीं-चीं करते हुए शेर से कहा, "हे जंगल के राजा, कृपया मुझे माफ कर दीजिए। मुझे छोड़ दीजिये। इस अहसान का बदला एक दिन मैं जरूर चुका दूगाँ।"


नन्हे चूहे के ये शब्द सुनकर शेर जोर से हँस पड़ा। उसने कहा, " तुम तो बड़ी चालाक हो, इतना छोटा होकर मुझ जैसे ताकतवर जंगल के राजा की तू क्या मदद करेगा? फिर भी शेर को नन्हे से चूहे पर दया आ गयी। उसने चूहे को छोड़ दिया। चूहा वहां से भाग निकला। 


कुछ दिन के बाद चूहे ने शेर की दर्द भरी दहाड़ सुनी। वह तुरंत अपने बिल से बाहर निकला। उसने देखा कि शेर एक बड़े से संकट में फँस गया है। और इस समय मै उसकी मदद कर सकता हूँ। 


शेर एक शिकारी के जाल मे फँस गया था। उसने जाल से निकलने की बहुत कोशिश की, पर उसे सफलता नही मिली। चूहा दौड़ता हुआ शेर के पास आया। उसने शेर से कहा, "हे जंगल के राजा, आप बिलकुल भी चिंता न करें। मै अभी आप को इस शिकारी के जाल से बहार निकलता हूँ। चूहा अपने तेज दाँतो से जाल को कुतरने लगा। और फिर शेर जाल से मुक्त हो गया।


शेर ने चूहे को धन्यवाद दिया और अपनी गुफा की ओर चल दिया।


शिक्षा - छोटे जीवों की शक्ति को कम नही आँकना चाहिए। जी हाँ बच्चों, हमें कभी भी किसी को कम नहीं आंकना चाहिए।


08. दो बकरे - Hindi stories for class 1 with moral


एक बार की बात है, काले और भूरे रंग के दो बकरे थे। एक दिन वे दोनों झरने पर बने पुल से गुजर रहे थे। काला बकरा पुल के एक किनारे से और भूरा बकरा दूसरे किनारे से आ रहा था। पुल के बीचो-बीच दोनों बकरो का आमना-सामना हुआ। दोनों एक दूसरे के सामने अकड़कर खड़े हो गए। पुल बहुत ही पतला था। एक बार में उस पुल पर से एक ही जानवर पुल से जा सकता था। 


काले बकरे ने भूरे बकरे से गुर्रा कर कहा, "तू मेरे रास्ते से हट जा।" भूरे बकरे ने भी इसी प्रकार गुर्रा कर जवाब दिया, "अबे कालिए, वापस चला जा, वरना मैं तुझे इस झरने में फेंक दूँगा।" 


थोड़ी देर तक दोनो एक-दूसरे को धमकाते रहे। लेकिन किसी ने हार नहीं मानी और दोनों एक दूसरे से भिड़ गए। फिर क्या था! पतले पुल पर दोनों अपना-अपना संतुलन खो बैठे और झरने मे जा गिरे। पानी के तेज धारा के साथ दोनों बहने लगे। और थोड़ी देर में ही दोनों डूब कर मर गए।



कुछ दिन बाद, इसी प्रकार दो बकरियाँ इसी पुल के बीचो बीच आमने-सामने आ गईं। लेकिन ये दोनो बहुत समझदार और चालाक थीं। उनमें से एक बकरी बैठ गई और दूसरी बकरी को अपने शरीर के ऊपर से जाने दिया। उसके जाने के बाद वह खड़ी हो गई और धीरे-धीरे चल कर उसने भी पुल पार कर लिया।


शिक्षा - क्रोध दुख का मूल है, शांति खुशी की खान है। 


09. राजू और बेरवाला - Moral short stories for class 1 in Hindi 


किसी गांव में राजू नाम का लड़का रहता था। वह बहुत चतुर और निडर लड़का था। एक दिन वह स्कुल से लौटते समय एक बेरवाले से बेर खरीदे। बेरवाले ने राजू को छोटा बच्चा समझ कर वजन मे कम बेर दिए। लेकिन चतुर राजू बेरवाले की चालाकी देख रहा था। 


उसने तुरंत बेरवाले से पूछा, तुम मुझे वजन में कम बेर क्यों दे रहे हो?


मक्कार बेरवाले ने कहा, मै वजन में काम बेर इसलिए दे रहा हूँ ताकि तुम्हे ले जाने में आसानी हो। फिर राजू ने झटपट कुछ पैसे बेरवाले की हथेली पर रखे और तेजी से वहां से जाने लगा। 


बेरवाले ने पैसे गिने। पैसे कम थे। उसने तेज रफ़्तार से जा रहे राजू को वापस आने के लिए आवाज लगायी।  जब राजू नजदीक आया तो उसने पूछा, तुमने मुझे कम पैसे क्यों दिए?


राजू  ने तुरंत कहा, मैंने तुम्हे काम पैसे इसलिए दिए ताकि तुम्हे गिनने मे आसानी हो।


शिक्षा - तो बच्चों, इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है की हमें हमेशा निडरता और चालाकी से काम लेना चाहिए। क्योंकि चालाक के साथ चालाकी नहीं चलती। 

 

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दोस्तों यह थी best 9 Hindi Moral Stories for class 1. ये सभी कहानियाँ नैतिक है। और इन कहानियों से बच्चों को बहुत मदद मिलेगी।

 

आप को ये top 10 moral stories in Hindi for class 1 कैसी लगी हमे comment मे जरूर बताएं। अगर आप को ये कहानियाँ अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share करें। 

 

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धन्यवाद!

1 Comments

  1. Very nyc motivational speech maza aagya aisa hi motivate karte rahi sab log

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