10 ऐसे खगोलीय घटनाएं जो आप अपने जीवन मे सिर्फ एक बार ही देख सकेंगे


ब्रह्मांड में आय दिन खगोलीय घटनाएं होती रहती है उनमें से कुछ घटनाओं के बारे में तो हमें पता लगता है लेकिन ज्यादातर घटनाओं के बारे में हमें पता नहीं चल पाता है। 


ब्रह्मांड में घटने वाली घटनाओं के बारे में पता लगाने के लिए दुनिया भर के खगोल वैज्ञानिक इन घटनाओं के ऊपर अपनी पैनी नजर बनाए रखते हैं।


यह वैज्ञानिक ब्रह्मांड में खगोलीय घटनाओं की उथल पथल हमेशा देखते रहते हैं। लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं भी है जो पूरी एक सदी में सिर्फ एक बार ही घटती है। 



आज मैं आपको 10 ऐसे खगोलीय घटनाओं के बारे में बताऊंगा जो हमारे भविष्य में घटने वाली है। 


ये सारी घटनाएं आपके जीवन काल में सिर्फ एक बार ही घटित होगी और आप इसे एक बार तो अपने जीवन काल में देख ही सकेंगे। 


10 ऐसे खगोलीय घटनाएं जो आप अपने जीवन मे सिर्फ एक बार ही देख सकेंगे

10 ऐसे खगोलीय घटनाएं जो आप अपने जीवन मे सिर्फ एक बार ही देख सकेंगे


10. Halley's commet 


हैली नाम के धूमकेतु का नाम वैज्ञानिक एडमंड हैली ने अपने नाम पर रखा था। एडमंड ने 1531 में इस धूमकेतु के बारे में पता लगाया था। 


यह धूमकेतु प्रत्येक 75 साल में एक बार हमारे सूरज का चक्कर लगाता है। जब यह धूमकेतु हमारी पृथ्वी से करीब आ जाता है तब सूर्य के चक्कर लगाते हुए इसे बिना किसी टेलिस्कोप से अपनी आंखों से भी देखा जा सकता है। 


आखिरी बार Halley धूमकेतु ने 1986 में सूरज का चक्कर लगाया था और यह इसी साल में हमारे सबसे नजदीक था। 


अगली बार यह 2061 में सूरज का चक्कर लगाएगा और हमारे करीब आ जाएगा। इस धूमकेतु की लंबाई 9 मील और चौड़ाई 5 मील है। और यह सूरज के चक्कर लगाते हुए 46 मिलियन miles तक हमारे करीब आ जाता है।


जब यह हमारे करीब होता है और जब हम अपनी आंखों से देखते हैं तो इसके पीछे एक पुँछ सी लंबी लकीर हमे दिखाई देती है और यह नजारा अपने आप मे लाजवाब होता है। यदि अभी आप एक बच्चे हैं तो आप अपनी लाइफ में सिर्फ एक बार इसे सन् 2062 में देख पाओगे। 



9. Near Earth Asteroid flyby


अप्रैल 2029 मे एक बड़े आकर का Asteroid पृथ्वी और चंद्र के बीच से गुजरेगा। सन 2004 में जब वैज्ञानिकों ने पहली बार इसके बारे में पता लगाया, तब वैज्ञानिकों का कहना था कि यह पृथ्वी से टकरा सकता है और इसकी टक्कर से भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। 


लेकिन बाद में इस asteroid 99942 अपोफिस पर गहरा अध्यन किया गया और पता ये चला की यह पृथ्वी से नही टकरायेगा बल्कि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच से निकल जाएगा।


जब यह 2029 में पृथ्वी के ऑर्बिट से गुजरेगा तब इसकी दूरी हम से 31000 किलोमीटर होगी और इतनी ही दूरी पर स्थित कई स्पेस क्राफ्ट पृथ्वी का चक्कर लगाते हैं। इस asteroid का आकार 340 मीटर है। इतने बड़े आकर का asteroid पहली बार पृथ्वी के करीब से गुजरेगा और जिसका लूतफ हम उठा सकेंगे। 



8. Total Solar Eclipse


वैसे तो हर साल कहीं न कहीं सूर्य ग्रहण देखने को मिलता ही है। लेकिन सन् 2027 मे होने वाला यह सूर्य ग्रहण सबसे अलग और प्रमुख है। 


ज्यादातर पूर्ण सूर्य ग्रहण का समय 2 से 3 मिनट का होता है। लेकिन 16 जुलाई 2186 में होने वाला सूर्य ग्रहण पिछले 10000 सालों में हुए विश्व में सबसे लंबा सूर्यग्रहण होगा। 


यह पूर्ण सूर्य ग्रहण पूरे 7 मिनट और 28 सेकेंड तक रहेगा। हालांकि 10 हजार सालों मे सबसे लंबा सूर्य ग्रहण देखने के लिए सन् 2186 मे हम मे से तो कोई भी इंसान जिंदा नही रहेगा। इसलिए सबसे लंबे सूर्य ग्रहण को तो हम नही देख सकेंगे। 


लेकिन पूरे 10 हजार सालों मे दूसरा सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण को हम देख सकेंगे, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 में दिखेगा। 


दोस्तों इसका भी समय कुछ मामूली नहीं है। यह भी पूरे के पूरे 6 मिनट और 22 सेकेंड तक देखा जाएगा। सूर्य को लगने वाला इतना लंबा ग्रहण कोई साधारण बात नहीं है और इस ग्रहण को पूर्ण या आंशिक रूप से दुनिया के लगभग हर कोने में देखा जाएगा। 



7. Supernova


जब कोई तारा अपने जीवन के अंत में पहुंच जाता है तो वह अपने आप में ही collaps करने लगता है और फिर उसमे एक भयंकर विस्फोट होता है और यह यह विस्फोट पूरे ब्रह्मांड में सबसे खतरनाक माने जाते हैं जीसे supernova कहा जाता है। 


पिछली बार यह 23 February 1987 में तारे मे विस्फोट होते देखा गया था। जिसे suoernova 1987 A नाम दिया गया था। 


वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 50 सालों मे अभी और बड़ा सुपरनोवा देखने को मिल सकता है। इस विशाल supernova को साधारण टेलीस्कोप की मदद से भी दिन मे भी देखा जा सकेगा और रात के समय में तो इसे खुली आंखों से भी देखा जा सकता है। 



6. Venus Occults Jupiter


अंतिम बार venus और jupiter का आमना सामना करीब 200 साल पहले 1818 मे हुआ था। और venus और jupiter एक बार फिर से एक दूसरे के आमने सामने आने वाले हैं। 22 November 2065 के दिन venus और jupiter एक दूसरे के आमने सामने आ जायेंगे। 


आम तौर पर ऐसा देखा नही जाता है लेकिन इस दिन सूर्योदय से कुछ समय पहले यह घटना हम देख सकेंगे। इस एतेहासिक खगोलीय घटना को सिर्फ टेलिस्कोप की मदद से ही देखा जा सकेगा। 



5. Leonid Meteor Shower


इस रहस्मय खगोलिये घटना के बारे मे सबसे पहले 1833 मे पता चला था। यह घटना हर 33 साल पर घटती है। इस घटना को Leonid Meteor Shower कहते हैं। जब बहुत सारे asteroid पृथ्वी के गुरूत्व आकर्षण मे प्रवेश करते हैं तब Meteor Shower होता है। 


यह वो घटना है जब आप बहुत सारे तारे को टूटते हुए देख सकते हैं।यह पूरी घटना बहुत सारे तारों के टूटने का shower जैसा होता है।अगली बार यह घटना सन् 2031 मे देखने को मिलेगी। 



4. Planetary Alignment


Solar System मे सभी ग्रहों का एक सिद्ध मे आ जाना बहुत ही दुर्लभ घटना है। और ऐसी घटना आज से 472 साल बाद होने वाली है, जब आठों ग्रह एक सीधी line मे आ जाएगी। 


6 मई 2492 के दिन सभी ग्रह एक कतार मे आ जाएंगे। लेकिन हममें से कोई भी इंसान इस ऐतिहासिक घटना को देखने के लिए उस समय तक जीवित नहीं रहेगा। 


पर दोस्तों दिल छोटा ना करें। आठ ग्रह ना सही पर 5 ग्रहों को एक सीधी लकीर में सन 2040 में आप देख सकते हो। 8 सितंबर 2040 को जूपिटर सैटर्न मार्स विनस और मरक्यूरी एक साथ सीधी लाइन में आ जाएगी। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना होगी और इससे पृथ्वी पर किसी प्रकार का प्रलय नही आयेगा। 



3. Transit of Earth from Mars


21वी सदी में पहली बार पृथ्वी मंगल ग्रह और सूर्य के बीच से गुजरेगी 10 नवंबर 2084 से के दिन पृथ्वी, मंगल और सूरज के बीच में से होकर गुजरे गी। 


आज तक कोई इंसान मंगल तक नहीं गया है। लेकिन अगर 2084 से पहले हम इंसान मंगल पर पहुंच जाते हैं और यदि उस वक्त हम वहां होंगे तो हम पृथ्वी को मंगल और सूरज के बीच से गुजरते हुए देख सकेंगे। 


यह ठीक ऐसा ही है जैसा ग्रहण में होता है। जैसे कि सूरज और पृथ्वी के बीच चांद आ जाता है, वैसे मंगल और सूरज के बीच पृथ्वी आ जाएगी और इस परिस्थिति में मंगल से हमारी पृथ्वी सूरज के सामने से गुजरते वक्त काले रंग की एक छोटी सी डिस जैसी दिखेगी। 


सन् 2084 के बाद यह घटना 2394 मे दोबारा घटित होगी। 



2. Supermoon


November 2016 मे supermoon को देखा गया था, जब चाँद अपने सामान्य आकार से 14% ज्यादा बड़ा था।


2016 से पहले इतने बड़े आकार वाले चांद को सन 1948 में देखा गया था। ऐसी घटना दोबारा 6 दिसंबर 2052 में होगी जब 21वी सदी का सबसे बड़ा चाँद हमें देखने को नसीब होगा।


2052 में दिखाई देने वाला यह चांद पृथ्वी के सबसे नजदीक रहेगा और इस चांद से सामान्य से ज्यादा रोशनी परावर्तित होगी। 



1. Sedna will be rich to perihelion


सेडना नामक एक छोटा बोना ग्रह हमारी सूरज के चक्कर लगा रहा है। लेकिन यह चक्कर अंडाकार में लगा रहा है। जब यह सूरज के सबसे करीब पहुंचता है उसे perihelion कहते हैं और जब यह सबसे दूर चला जाता है तब इसे uphelion कहते हैं। 


जब सेदना सूरज से सबसे नजदीक होता है तब इसके और सूरज के बीच की दूरी 97 aestronomical units होती है। यह distance कितना दूर है इसका अंदाज़ा आप इसी से लगा सकते हैं की 97 aestronomical units सूरज और प्लूटो के बीच की दूरी से 3.5 गुना ज्यादा होते हैं। 


यानी की जब सूरज के सबसे करीब होता है तब इसकी और सूरज के बीच की दूरी करीब 20 अरब किलोमीटर होती है और जब यह uphelion यानी सूरज से सबसे दूर होता है तब इसके और सूरज के बीच की दूरी 937 aestronomical units होती है। अर्थात करीब 200 अरब किलोमीटर से भी अधिक। 


इसे सूरज का एक चक्कर लगाने में करीब 11400 साल लगते हैं और सन 2076 में यह लघु ग्रह अपने perihelion अर्थात सूरज के सबसे नजदीक आने वाला है और हमारे लिए यही वह मौका होगा जब हम इस रहस्यमय बौने ग्रह के बारे में जानेंगे। 


आज तक हमें यह नहीं पता चला है कि सेदना का निर्माण हमारे ही solar system से हुआ है या यह किसी दूसरे सिस्टम का हिस्सा है और हमारे solar system के गुरुतव् आकर्षण बल मे फंस गया हो।

इसके और सूर्य के बीच की दूरी अविश्वसनीय है। और यह प्लानेट का सतह कैसे और किस चीज से बना है इसकी भी जानकारी नही है। 



निष्कर्ष


भविष्य में होने वाली इन सारी घटनाओं में से आपको कौन सी घटना सबसे ज्यादा एक्साइटिंग लगी मुझे कमेंट करके जरूर बताएं।






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