Motivational Stories in Hindi for Success in Life

 

Motivational Stories in Hindi for Success: Hello friends, how are you? Today I am sharing the 3 best motivational stories for success in Hindi. These motivational Hindi stories are very valuable and give very good motivation for success in life. 

 

आज के इस आर्टिकल मे मै आप के साथ 3 best motivational story in Hindi for success share कर रहा हूँ। ये हिंदी प्रेरणादायक कहानियाँ छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी होगी। ये सभी कहानियों के अंत मे नैतिक शिक्षा दी गयी हैं। जो छात्रों को लोगों और दुनिया को समझने मे बहुत मदद करेगी।

 

आईये इन motivational story in Hindi for success of students को पढ़ते हैं।

 

3 Best Motivational Story In Hindi For Success in Life

 

Motivational Stories in Hindi for Success

भैंस की मौत (Motivational Stories in Hindi for Success)

 

1st Hindi Motivational Story for Success in Life

 

एक दार्शनिक अपने एक शिष्य के साथ कहीं से गुजर रहे थे। बहुत दूर चलने के बाद वे एक खेत के पास पहुंचे। खेत अच्छी जगह स्थित थी लेकिन उसकी हालत देखकर लगता था, मानो उसका मालिक उस पर जरा भी ध्यान नहीं देता है।

 

खैर, दार्शनिक और शिष्य दोनों को बहुत प्यास लगी थी। तभी उनको खेत के बीचो-बीच बना हुआ एक टूटा- फूटा घर दिखाई दिया। दोनो उस घर के सामने पहुंचे और दरवाज़ा खटखटाया।

 

अन्दर से एक आदमी निकला। उसके साथ उसकी पत्नी और तीन बच्चे भी थे। सभी फटे-पुराने कपड़े पहने हुए थे।

 

दार्शनिक ने उस आदमी से बोला, “श्रीमान, क्या हमें पानी मिल सकता है? बहुत तेज प्यास लगी है!”

 

“ज़रूर!”, आदमी उन्हें पानी का जग थमाते हुए बोला।

 

“मैं देख रहा हूँ कि आपका खेत इनता बड़ा है, पर इसमें कोई फसल नही बोई गयी है, और ना ही यहाँ फलों के कोई पेड़ दिखायी दे रहे हैं। तो आखिर आप लोगों का गुजारा कैसे चलता है?”, दार्शनिक ने प्रश्न किया।

 

“जी, हमारे पास एक भैंस है, वो काफी दूध देती है। उसे पास के गाँव में बेच कर कुछ पैसे मिल जाते हैं और बचे हुए दूध का सेवन कर के हमारे परिवार गुजारा चल जाता है।”, आदमी ने समझाया।

 

दार्शनिक और शिष्य आगे बढ़ने को तैयार हुए। तभी आदमी बोला, “शाम काफी हो गयी है, आप लोग चाहें तो आज रात यहीं रुक जाएं!”

 

दार्शनिक और शिष्य दोनों रुकने को तैयार हो गए।

 

आधी रात के करीब जब सभी गहरी नींद में सो रहे थे तभी दार्शनिक ने शिष्य को उठाया और बोला, “चलो हमें अभी यहाँ से चलना है, और चलने से पहले हम उस आदमी की भैंस को चट्टान से गिराकर मार डालेंगे।”

 

शिष्य को अपने गुरु की बात पर यकीन नहीं हो रहा था, पर वो उनकी बात काट भी नहीं सकता था।

 

दोनों उठे और भैंस को मार कर रातों-रात गायब हो गए!

 

यह घटना शिष्य के जेहन में बैठ गयी और करीब 10 साल बाद जब वो एक successful businessman (सफल व्यवसायी) बन गया, तब उसने सोचा, क्यों न अपनी गलती का पश्चाताप करने के लिए एक बार फिर उसी आदमी से मिला जाए और उसकी आर्थिक मदद की जाए।

 

अपनी चमचमाती कार से वह उस खेत के सामने पहुंचा।

 

शिष्य को अपनी आँखों पे यकीन नहीं हो रहा था। वह उजाड़ खेत अब फलों के बागीचे में बदल चुका था। टूटे-फूटे घर की जगह एक शानदार बंगला खड़ा था और जहाँ अकेली भैंस बंधी रहती थी वहां अच्छी नस्ल की कई गाएं और भैंस अपना चारा चर रही थीं।

 

शिष्य ने सोचा कि शायद भैंस के मरने के बाद वो परिवार सब बेच-बाच कर कहीं चला गया होगा। और वह वापस लौटने के लिए अपनी कार स्टार्ट करने लगा कि तभी उसे वो दस साल पहले वाला आदमी दिखा।

 

“शायद आप मुझे पहचान नहीं पाए, सालों पहले मैं आपसे मिला था।”, शिष्य उस आदमी की तरफ बढ़ते हुए बोला।

 

इसके जवाब मे वह आदमी बोला “नहीं-नहीं, ऐसा नहीं है, मुझे अच्छी तरह याद है, आप और आपके गुरु यहाँ आये थे। कैसे भूल सकता हूँ उस दिन को; उस दिन ने तो मेरा जीवन ही बदल कर रख दिया।

 

आप लोग तो बिना बताये चले गए, पर उसी दिन ना जाने कैसे हमारी भैंस भी चट्टान से गिरकर मर गयी। कुछ दिन तो समझ ही नहीं आया कि क्या करें। लेकिन जीने के लिए कुछ तो करना था। इसलिए लकड़ियाँ काट कर बेचने लगा।

 

उससे कुछ पैसे हुए तो खेत में बोवाई कर दी। सौभाग्य से फसल अच्छी निकल गयी। बेचने पर जो पैसे मिले उससे फलों के बागीचे लगवा दिए और यह काम अच्छा चल पड़ा और इस समय मैं आस-पास के सेकडों गाँव में सबसे बड़ा फल व्यापारी हूँ। सचमुच, ये सब कुछ ना होता, अगर उस भैंस की मौत ना हुई होती !

 

“लेकिन यही काम आप पहले भी कर सकते थे?”, शिष्य ने आश्चर्य से पूछा।

 

आदमी बोला, “ बिलकुल कर सकता था! पर तब ज़िन्दगी बिना उतनी मेहनत के आराम से चल रही थी, कभी लगा ही नहीं कि मेरे अन्दर इतना कुछ करने की क्षमता है। इसलिए कभी कोशिश ही नहीं की। पर जब भैंस मर गयी तब हाथ-पाँव मारने पड़े और मुझ जैसा गरीब-बेहाल इंसान भी इस मुकाम तक पहुँच पाया।”

 

आज शिष्य अपने गुरु के उस निर्देश का असली मतलब समझ चुका था और बिना किसी पश्चाताप के वापस लौट पा रहा था।

 

दोस्तों 3 best motivational stories for success in Hindi के list की यह पहली कहानी पढ़ कर आप को कैसी लगी। अब इस Hindi success story का नैतिक पढ़ते हैं।

 
Moral of this Hindi Story :

 

Friends, कई बार हम परिस्थितियों के इतने आदि हो जाते हैं कि बस उसी में जीना सीख लेते हैं, फिर चाहे वो परिस्थितियां बुरी ही क्यों न हों!

 

हम अपनी जॉब से नफरत करते हैं पर फिर भी उसे पकड़े-पकड़े ज़िन्दगी बिता देते हैं, तो कई बार हम बस इसलिए नये business के बारे में नहीं सोचते क्योंकि हमारा मौजूदा बिजनेस दाल-रोटी भर का खर्चा निकाल देता है! पर ऐसा करने से हम कभी भी अपने full potential को realize नहीं कर पाते हैं। और बहुत सी ऐसी चीजें करने से चूक जाते हैं जिन्हें करने की हमारे अन्दर क्षमता है और जो हमारी life को कहीं बेहतर बना सकती हैं।

 

सोचिये, कहीं आपकी ज़िन्दगी में भी तो कोई ऐसी भैंस नहीं जो आपको एक बेहतर ज़िन्दगी जीने से रोक रही है।

 

कहीं ऐसा तो नहीं कि आपको लग रहा है कि आपने उस भैंस को बाँध कर रखा है जबकि असलियत में उस भैंस ने आपको बाँध रखा है! अगर आपको लगे कि ऐसा है, तो आगे बढिए…हिम्मत करिए, अपनी रस्सी को काटिए; आजाद होइए। आपके पास खोने के लिए बहुत थोड़ा है पर पाने के लिए पूरी दुनिया है! जाइए उसे पाकर दिखाइए!

 

आईये अब दूसरी Hindi motivational story for success पढ़ते हैं।

 

किसान की घड़ी (Best Hindi Motivational Story for Success)

 

2nd Motivational Story in Hindi for Success in Life

 

एक बार एक किसान की घड़ी कहीं खो गयी. वैसे तो घडी कीमती नहीं थी पर किसान उससे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ था और किसी भी तरह उसे वापस पाना चाहता था.

 

उसने खुद भी घडी खोजने का बहुत प्रयास किया, कभी कमरे में खोजता तो कभी बाड़े तो कभी अनाज के ढेर में ….पर तामाम कोशिशों के बाद भी घड़ी नहीं मिली. उसने निश्चय किया की वो इस काम में बच्चों की मदद लेगा और उसने आवाज लगाई , ” सुनो बच्चों , तुममे से जो कोई भी मेरी खोई घडी खोज देगा उसे मैं १०० रुपये इनाम में दूंगा.

 

फिर क्या था , सभी बच्चे जोर-शोर दे इस काम में लगा गए…वे हर जगह की ख़ाक छानने लगे , ऊपर-नीचे , बाहर, आँगन में ..हर जगह…पर घंटो बीत जाने पर भी घडी नहीं मिली.

 

अब लगभग सभी बच्चे हार मान चुके थे और किसान को भी यही लगा की घड़ी नहीं मिलेगी, तभी एक लड़का उसके पास आया और बोला , ” काका मुझे एक मौका और दीजिये, पर इस बार मैं ये काम अकेले ही करना चाहूँगा.”

 

किसान का क्या जा रहा था, उसे तो घडी चाहिए थी, उसने तुरंत हाँ कर दी.

 

लड़का एक-एक कर के घर के कमरों में जाने लगा…और जब वह किसान के शयन कक्ष से निकला तो घड़ी उसके हाथ में थी

 

किसान घड़ी देख प्रसन्न हो गया और अचरज से पूछा ,” बेटा, कहाँ थी ये घड़ी , और जहाँ हम सभी असफल हो गए तुमने इसे कैसे ढूंढ निकाला ?”

 

लड़का बोला,” काका मैंने कुछ नहीं किया बस मैं कमरे में गया और चुप-चाप बैठ गया, और घड़ी की आवाज़ पर ध्यान केन्द्रित करने लगा , कमरे में शांति होने के कारण मुझे घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे गयी , जिससे मैंने उसकी दिशा का अंदाजा लगा लिया और आलमारी के पीछे गिरी ये घड़ी खोज निकाली.”

 
Moral of this Hindi Short Motivational Story for Success

 

Friends, जिस तरह कमरे की शांति घड़ी ढूढने में मददगार साबित हुई उसी प्रकार मन की शांति हमें life की ज़रूरी चीजें समझने में मददगार होती है . हर दिन हमें अपने लिए थोडा वक़्त निकालना चाहिए , जसमे हम बिलकुल अकेले हों , जिसमे हम शांति से बैठ कर खुद से बात कर सकें और अपने भीतर की आवाज़ को सुन सकें , तभी हम life को और अच्छे ढंग से जी पायेंगे

 

दोस्तों अभी तक आप Top 3 Motivational Stories in Hindi for success की 2 कहानियाँ पढ़ चुके हैं। और उम्मीद करते हैं की आगे की नैतिक कहानियाँ भी जरूर पढ़ेंगे।

 

समस्या का दूसरा पहलू (Top Motivational Story in Hindi for Success in Life)

 

3rd Short Hindi Motivational Story for Success

 

पिताजी कोई किताब पढने में व्यस्त थे , पर उनका बेटा बार-बार आता और उल्टे-सीधे सवाल पूछ कर उन्हें डिस्टर्ब कर देता .

 

पिता के समझाने और डांटने का भी उस पर कोई असर नहीं पड़ता.

 

तब उन्होंने सोचा कि अगर बच्चे को किसी और काम में उलझा दिया जाए तो बात बन सकती है. उन्होंने पास ही पड़ी एक पुरानी किताब उठाई और उसके पन्ने पलटने लगे. तभी उन्हें विश्व मानचित्र छपा दिखा , उन्होंने तेजी से वो पेज फाड़ा और बच्चे को बुलाया – ” देखो ये वर्ल्ड मैप है , अब मैं इसे कई पार्ट्स में कट कर देता हूँ , तुम्हे इन टुकड़ों को फिर से जोड़ कर वर्ल्ड मैप तैयार करना होगा.”

 

और ऐसा कहते हुए उन्होंने ये काम बेटे को दे दिया.

 

बेटा तुरंत मैप बनाने में लग गया और पिता यह सोच कर खुश होने लगे की अब वो आराम से दो-तीन घंटे किताब पढ़ सकेंगे .

 

लेकिन ये क्या, अभी पांच मिनट ही बीते थे कि बेटा दौड़ता हुआ आया और बोला , ” ये देखिये पिताजी मैंने मैप तैयार कर लिया है .”

 

पिता ने आश्चर्य से देखा , मैप बिलकुल सही था, – ” तुमने इतनी जल्दी मैप कैसे जोड़ दिया , ये तो बहुत मुश्किल काम था ?”

 

” कहाँ पापा, ये तो बिलकुल आसान था , आपने जो पेज दिया था उसके पिछले हिस्से में एक कार्टून बना था , मैंने बस वो कार्टून कम्प्लीट कर दिया और मैप अपने आप ही तैयार हो गया.”, और ऐसा कहते हुए वो बाहर खेलने के लिए भाग गया और पिताजी सोचते रह गए .

 
Moral of this Hindi Success Story

 

Friends , कई बार life की problems भी ऐसी ही होती हैं, सामने से देखने पर वो बड़ी भारी-भरकम लगती हैं , मानो उनसे पार पान असंभव ही हो , लेकिन जब हम उनका दूसरा पहलु देखते हैं तो वही problems आसान बन जाती हैं, इसलिए जब कभी आपके सामने कोई समस्या आये तो उसे सिर्फ एक नजरिये से देखने की बजाये अलग-अलग दृष्टिकोण से देखिये , क्या पता वो बिलकुल आसान बन जाएं !

 

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दोस्तों यह थी 3 best Motivational Stories in Hindi for Success. ये सभी कहानियाँ नैतिक है। और इन कहानियों से बच्चों को बहुत मदद मिलेगी। 

 

आप को ये best Hindi motivational stories for success in life कैसी लगी हमे comment मे जरूर बताएं। अगर आप को ये कहानियाँ अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share करें। 

 

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